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बचत हेतु संयुक्त परिवारों में साथ साथ रहना होगा। फैशन व स्वादिष्ट भोजन के नाम पर होटलों में जाने का मोह छोडना होगा, शादी समारोह में रिटर्न गिफ्ट को रोकना होगा व भोजन मे सीमित सामग्री ही परोसी जाये व नाना प्रकार की स्टालों पर रोक लगाई जाए तभी वर्तमान समय में बचत हो सकती हैं। #सुनील कुमार माथुर, जोधपुर (राजस्थान)
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आज संयुक्त परिवार एकल परिवारों के रूप में परिवर्तित हो रहे है जिसके कारण मकान मंहगे हो रहे है,प्लोटों के दाम बढने लगे हैं वही किराये के मकानों का अधिक किराया वसूला जा रहा है मकान मालिक साल दो साल में ही मकान की लागत ब्याज सहित किरायेदार से वसूलने में लगा हैं ऐसी स्थिति में परिवारों की बचत में गिरावट का आना स्वाभाविक ही है।
इन सबका मूल कारण बढती मंहगाई व हमारा लोक दिखावा हैं जिसके कारण परिवार में बचत करना बडा ही कठिन कार्य हो गया हैं। पहली बात तो यह है कि बढती मंहगाई ने आम जनता की कमर तोड दी। जो वेतन मिलता है वह इस मंहगाई के सामने ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।
दूसरा प्रमुख कारण संयुक्त परिवारों का विघटन हैं। ऊपर से समाज में लोक दिखावें की प्रवृति बढती जा रही हैं। फैशन के नाम पर आये दिन कपडों की खरीद, होटलों में चाय नाश्ता व भोजन करना। आज की युवाशक्ति रसोई में जाना ही पसंद नहीं करती हैं भला ऐसी स्थिति में बचत कैसे हो सकती हैं।
https://devbhoomisamachaar.com/archives/34156
बचत हेतु संयुक्त परिवारों में साथ साथ रहना होगा। फैशन व स्वादिष्ट भोजन के नाम पर होटलों में जाने का मोह छोडना होगा, शादी समारोह में रिटर्न गिफ्ट को रोकना होगा व भोजन मे सीमित सामग्री ही परोसी जाये व नाना प्रकार की स्टालों पर रोक लगाई जाए तभी वर्तमान समय में बचत हो सकती हैं।
https://devbhoomisamachaar.com/archives/34158









Nice article
True
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