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जीवन में मित्र ही एक ऐसा साथी हैं जिसे हम अपने मन की हर बात बिना डर के आसानी से बता देते हैं। अतः मित्र को भी चाहिए कि वह अपने दोस्तों के साथ कभी भी दगा न करें अन्यथा दोस्तों पर से सदा सदा के लिए विश्वास खत्म हो जाएगा। #सुनील कुमार माथुर, जोधपुर, राजस्थान
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हम बडे ही नसीब वालें हैं कि हमें आप जैसे अच्छे मित्र, पडौसी, गुरु, रिश्तेदार व जीवन साथी मिले हैं जो हर कदम पर हमारे साथ पहली पंक्ति में खड़े रहकर हमारा हौसला-अफजाई कर रहे हैं। वरना आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में कौन किसका साथ देता हैं। अपने तो अपने ही होते हैं।
यहीं वजह हैं कि उनकी प्रशंसा में जितना कहा जाये वह कम हैं। मगर फिर भी हमें यह बात याद रखनी चाहिए कि हम कोई ऐसा काम न करें जिससे इनकी भावनाओं को ठेस पहुंचे। चूंकि ताली दोनों हाथ से बजती है। अतः हमें भी पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर चलते रहना चाहिए। आप तो अपना काम करते रहिए फल तो वह परमात्मा समय आने पर स्वत: ही दे देगा।
वह कभी भी किसी का बुरा नहीं करता हैं। कहावत भी है कि कर भला तो हो भला। फिर भला बुरे कर्म क्यों। कभी भी किसी के साथ छल कपट न करें, चूंकि बुरे का बुरा ही होता हैं। किसी का बुरा करना तो क्या किसी के बारे में बुरा सोचना भी महापाप हैं। अतः जीवन में सदैव अच्छा सोचे, अच्छा बोले और अच्छा लिखें। इसलिए अपनी जुबान पर नियंत्रण रखें।
जीवन में मित्र ही एक ऐसा साथी हैं जिसे हम अपने मन की हर बात बिना डर के आसानी से बता देते हैं। अतः मित्र को भी चाहिए कि वह अपने दोस्तों के साथ कभी भी दगा न करें अन्यथा दोस्तों पर से सदा सदा के लिए विश्वास खत्म हो जाएगा।








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