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उत्तराखंड को केंद्र से दो महीने के लिए मिली बिजली

राज्य में जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे ही बिजली की मांग भी बढ़ने लगी है। शुक्रवार को बिजली की मांग चार करोड़ यूनिट का आंकड़ा पार कर गई। हालांकि यूपीसीएल के निदेशक परियोजना अजय कुमार अग्रवाल का कहना है कि फिलहाल कहीं भी रोस्टिंग नहीं की जा रही है।

देहरादून। उत्तराखंड में गर्मी के साथ ही बढ़ती जा रही मांग के बीच केंद्र सरकार से एक राहतभरी खबर आई है। केंद्र ने दो माह के लिए उत्तराखंड को गैर आवंटित कोटे से 12 प्रतिशत बिजली देने का फैसला लिया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। उत्तराखंड को दो माह 12 प्रतिशत और इसके आगे के दो माह सात प्रतिशत बिजली मिलेगी।

राज्य को केंद्र से मिल रहा बिजली का कोटा 31 मार्च को समाप्त होने जा रहा है। इस बीच अगर समय रहते केंद्र से बिजली न मिलती तो प्रदेश में भारी किल्लत हो सकती थी। पिछले दिनों केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने राज्य को 150 मेगावाट बिजली अप्रैल, मई और जून माह के लिए देने का आदेश जारी कर दिया था। अब गैर आवंटित कोटे से विभिन्न राज्यों को बिजली आवंटित की गई है। उत्तराखंड को इसमें से अप्रैल माह में 12 प्रतिशत, मई में 12 प्रतिशत बिजली मिलेगी।

जून, जुलाई माह में सात-सात प्रतिशत बिजली मिलेगी। करीब 1200 मेगावाट में से 12 प्रतिशत के हिसाब से राज्य को दो माह तक 144 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलेगी। जबकि 2 माह 84 मेगावाट बिजली मिलेगी। इससे राज्य को फिलहाल राहत मिल गई है।

राज्य में जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे ही बिजली की मांग भी बढ़ने लगी है। शुक्रवार को बिजली की मांग चार करोड़ यूनिट का आंकड़ा पार कर गई। हालांकि यूपीसीएल के निदेशक परियोजना अजय कुमार अग्रवाल का कहना है कि फिलहाल कहीं भी रोस्टिंग नहीं की जा रही है। मांग के सापेक्ष बिजली जुटाई जा रही है। बाजार से भी कुछ बिजली अपेक्षाकृत कम दामों पर खरीदी जा चुकी है।

प्रदेश में नई विद्युत दरें एक अप्रैल से लागू होनी हैं, लेकिन चुनाव आचार संहिता की वजह से आयोग ने फिलहाल इसे रोक लिया है। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि 19 अप्रैल को राज्य में चुनाव होने के बाद चुनाव आयोग को एक पत्र भेजा जाएगा। ताकि समय रहते विद्युत दरें जारी हो सकें।


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